रीवा संभाग में आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीयन लक्ष्य का सिर्फ 58% पूरा हुआ। 2 लाख से अधिक बच्चे अब भी केंद्रों से दूर हैं, अभिभावकों की उदासीनता और जागरूकता की कमी बड़ी वजह बनी।
Description भोपाल में मंत्रालय कर्मचारी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ₹20 लाख ठगने का सनसनीखेज मामला। आरोपी विजय शंकर मिश्रा ने चुनाव आयोग और महिला बाल विकास विभाग के फर्जी जॉइनिंग लेटर दिए। भोपाल क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
सतना जिले में कुपोषण का संकट फिर उजागर हुआ है। नागौद क्षेत्र के पनास आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य जांच के दौरान 7 बच्चे अति गंभीर कुपोषित पाए गए। चार माह पहले मझगवां क्षेत्र में मासूम रजा हुसैन की मौत के बाद भी जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर स्वास्थ्य अमले तक की लापरवाही जारी है। आंकड़े बताते हैं कि सतना के 125 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में कुपोषण का स्तर सरकारी मानकों से कई गुना अधिक है। योजनाओं और बजट के बावजूद नतीजे नहीं दिख रहे, जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन हैं।
रीवा जिले में 22 जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें 2.88 लाख बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की टीमें घर-घर जाकर बीमार बच्चों की पहचान कर दवाएं और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती भी कराएंगी।
सतना जिले के 13 किसानों से 21 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। महिला बाल विकास की कर्मचारियों और किराना दुकानदार की मिलीभगत से हुआ अनाज घोटाला।
सिंगरौली जिले के शहरी और ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। कार्यकर्ताओं पर सुपरवाइजर के कमीशन दबाव, बंदरबांट और योजनाओं के कागजी संचालन से नौनिहालों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुँच पा रहा।


















